Sunday, September 12, 2010

पाकिस्तान की परेशानी

पाकिस्तान क्रिकेट की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के कुछ अधिकारियों ने सीईओ जस्टिन वॉन से मिलकर फिक्सिंग से जुड़ी जांच खत्म न होने तक पाकिस्तान का दौरा न करने के सलाह दी है। सूत्रों की माने तो बोर्ड ने अन्य विकल्प ढूंढने शुरू भी कर दिये हे। पाकिस्तान टीम को दिसम्बर जनवरी में न्यूजीलैंड का दौरा करना है।
पहले आतंकवाद के डर से क्रिकेट टीमों ने किया पाकिस्तान जाने से मना, अब फिक्सिंग के आरोपों के बाद टीमें नही चाह रही हैं अपने देश मे भी पाकिस्तान से खेलना। जी हां इस समय पाकिस्तान क्रिकेट के यही हालात हैं। न्यूजीलैंड बोर्ड से जुड़ें कुछ अधिकारियों का कहना है कि अगर एक तारीख तक फिक्सिंग के आरोपों से घिरे तीनों क्रिकेटर सभी आरोपों से बरी नही हो जाते तब तक उन्हे पाकिस्तान का दौरा रद्द कर देना चाहिए। न्यूजीलैंड टीम के कप्तान डेनियल वेटोरी ने भी मैच फिक्सिंग मामले मे कहा था कि अगर सलमान बट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ फिक्सिंग के दोषी पाए जाते हैं तो इनपर आजीवन बैन लगा देना चाहिए। पिछले साल मार्च में पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच टेस्ट मैच के दौरान आतंकवादी हमले में खिलाड़ी बाल-बाल बचे थे कुछ खिलाड़ियों को हल्की चोट भी आईं थी। इस घटना के बाद क्रिकेट टीमें पाकिस्तान जाकर क्रिकेट नहीं खेल रही हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच जुलाई में हुई टेस्ट सीरीज़ की मेजबानी इंग्लैंड में हुई थी।
उधर पूर्व पाकिस्तान कप्तान राशिद लतीफ ने का दावा किया है कि स्पॉट फिक्सिंग में केवल पाकिस्तानी खिलाड़ी ही शामिल नहीं हैं टेस्ट खेलने वाली सभी टीमों के खिलाड़ी इसमें शामिल हैं। उन्होने तो ये भी कहा है कि मैंने इसे बेहद करीब से देखा है और कुछमैचों की स्क्रिप्ट तो फिल्मों की तरह पहले ही तय कर ली जाती है। पाकिस्तान के लिए 37 टेस्ट और 166 वनडे खेलने वाले लतीफ ने 1994 के जिम्बाब्वे दौरे पर मैच फिक्सिंग का विरोध करते हुए संन्यास की घोषणा कर दी थी। वहीं फिक्सिंग के आरोपों से घिरे युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर इंग्लिश काउंटी क्लब यार्कशायर से अपना अनुबंध गवां सकते है। इंग्लैंड के अखबार मे छपी रिपोर्ट के मुताबिक यार्कशायर क्लब अब आमिर को अपने साथ नही रखना चाहता।

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